November 2019

Himachal Pradesh General Knowledge :- Una Distt Complete

Himachal Pradesh General Knowledge-Una Complete Distt

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1. जिले के रूप में गठन - 1972 ई.
2. जिला मुख्यालय - ऊना
3. जनसंख्या घनत्व - 338 (2011 में)
4. साक्षरता - 87.23% (2011 में)
5. कुल क्षेत्रफल - 1540 वर्ग किमी. (2.77%)
6. जनसंख्या - 5,21,057 (2011 में ) (7.60%)
7. लिंग अनुपात - 977 (2011 में)
8. दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर - 16.24% (2011 में)
9. कुल गाँव - 814 (आबाद गाँव - 758)
10. ग्राम पंचायतें - 235
11. विकास खण्ड - 5
12. विधानसभा क्षेत्र - 5
13. शिशु लिंगानुपात - 870 (2011 में)
14. ग्रामीण जनसंख्या - 4,76,140 (91.38%)


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(i) भूगोल -


1. भौगोलिक स्थिति - ऊना हिमाचल प्रदेश के पश्चिम भाग में स्थित है | इसके उत्तर में काँगड़ा, पश्चिम में पंजाब राज्य, पूर्व में हमीरपुर और दक्षिण में बिलासपुर जिलें की सीमाएं लगती हैं |

2. पर्वत श्रृंखलाए - ऊना जिला हिमालय पर्वत श्रेणी की शिवालिक पर्वतमालाओं के अंचल में बसा है | ऊना को पश्चिम में जस्वां दून की पहाड़ियाँ पंजाब से पृथक करती हैं | ऊना शहर दून के मध्य में स्थित है | ऊना जिले के पूर्व में जस्वांधार या चिंतपूर्णी धार है जिसे हमीरपुर जिले में सोलह सिंगी धार के नाम से जाना जाता है | भरवैन इसकी सबसे ऊंची चोटी है |

3. नदियाँ - ब्यास और सतलुज के बीच बसे ऊना की प्रमुख नदी स्वान है | यह जस्वां घाटी में बहती हुई आनंदपुर साहिब के पास सतलुज नदी में मिलती है |

(ii) इतिहास - 


ऊना जिला मुख्यत: जस्वां रियासत और कुटलेहर रियासत के अंतर्गत आता है | पूर्व में ये दोनों रियासतें काँगड़ा रियासत का हिस्सा थीं |'

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1. जस्वां रियासत - ऊना जिले का अधिकतर भाग जस्वां रियासत के अंतर्गत आता था जो कि काँगड़ा रियासत के प्रशाका थी | जस्वां रियासत की स्थापना काँगड़ा के कटोच वंश के राजा पूर्व चंद ने 1170 ई. में की थी | इसकी राजधानी अम्ब के पास राजपुर में स्थित थी | जस्वां रियासत काँगड़ा से टूटकर बनने वाली पहली रियासत थी | इस रियासत के उत्तर में सिब्बा और दत्तारपुर तथा पूर्व में काँगड़ा, कुटलेहर और कहलूर राज्य स्थित थे | इस रियासत पर पूर्वचंद से लेकर उम्मेद सिंह तक 27 राजाओं ने शासन किया | मुगल काल में अकबर के समय जस्वां रियासत मुगलों के अधीन आ गई | उस समय जस्वां का राजा गोविंद चंद था | गोविंद चंद के पोते अनिरुद्ध चंद ने दो बार मुगलों के विरुद्ध विद्रोह किया |
संसारचंद के आक्रमण के समय जस्वां संसारचंद के कब्जे में आ गया | संसारचंद के विरुद्ध उम्मेद चंद ने गोरखों का साथ दिया था | जस्वां रियासत पर 1815 ई. में सिखों ने कब्जा कर लिया | वर्ष 1848 ई. में दूसरे सिख युद्ध में उम्मेद सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध सिखों का साथ दिया | उम्मेद सिंह और उसके पुत्र जय सिंह को गिरफ्तार कर अल्मोड़ा भेज दिया गया जहाँ उनकी मृत्यु हुई | 1879 ई. में उम्मेद सिंह के पोते रणसिंह ने अपने पुरखों की रियासत के 21 गाँवों में कब्जा कर लिया था |

2. कुटलेहर रियासत - कुटलेहर रियासत भी ऊना जिले का हिस्सा थी जो काँगड़ा रियासत से टूटकर बनी थी | कुटलेहर रियासत को पूर्व में चौकी कुटलेहर के नाम से जाना जाता था | कुटलेहर काँगड़ा क्षेत्र की सबसे छोटी रियासत थी | इस रियासत पर 40 राजाओं ने शासन किया | कुटलेहर रियासत की स्थापना जसपाल नामक ब्राह्मण ने की | उसने अपनी राजाधानी कोट-कहलूर में स्थापित की | जसपाल के पुत्र और पोते ने भज्जी और कोटी रियासतों की स्थापना की थी | कुटलेहर उत्तरी प्रांत चौकी पर 1758 ई. में घमण्डचंद ने कब्जा कर लिया था | संसारचंद ने 1786 ई. में कुटलेहर पर कब्जा किया जिसे बाद में गोरखाओं ने आजाद करवाया | वर्ष 1809 ई. में राज्य सिखों के अधीन आ गया | कुटलेहर के राजा नारायण पाल ने 1825 ई. में रणजीत सिंह से कौटवालवाह किले के लिए युद्ध किया | कुटलेहर रियासत का अंतिम राजा वृजमोहन पाल था | बेदी विक्रम सिंह ने 1848 ई. में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया | बेदी सुजान सिंह ने ऊना शहर को 1848 ई. में पुन: बेदी शासन के अधीन लाया |

3. स्वतंत्रता संग्राम - ऊना जिले में 19 मई, 1857 ई. को विद्रोह भड़का | ऊना जिले से सर्वप्रथम 1905 ई. में बाबा लक्ष्मण दास आर्य ने स्वाधीनता आंदोलन में प्रवेश किया | उन्हें 1908 ई. में गिरफ्तार कर लाहौर जेल भेजा गया | बाबा लक्ष्मण दास के पुत्र सत्य प्रकाश बागी, महाशय तीर्थ राम ओयल, गोपीचंद भार्गव ऊना जिले के स्वतंत्रता सेनानी थे |

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4. जिले की स्थापना - वर्तमान ऊना जिला 1966 ई. से पूर्व पंजाब के होशियारपुर जिले की तहसील थी | वर्ष 1966 ई. से 1972 ई. तक ऊना काँगड़ा जिले का भाग था | वर्ष 1972 ई. में ऊना को जिलें का दर्जा प्रदान किया गया | ऊना शहर की नींव बाबा कलाधारी ने की थी |

(iii) मेलें - ऊना जिले में चिंतपूर्णी मेला, बसौली में पीर निगाह मेला, मैड़ी में बाबा बड़भाग सिंह मेला प्रसिद्ध है |

(iv) अर्थव्यवस्था - ऊना जिले के पेखूबेला में बीज संवर्द्धन फार्म है | ऊना जिला कागजी नींबू, किन्नू, माल्टा, संतरे और आम के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है | सरकार ने 'अन्जोली' में एक पोल्ट्री फार्म खोला है | ऊना जिले के 3 स्थानों (जलेरा, बंगाणा और पुबोवाल) में दुग्ध अभिशीतन केंद्र हैं | मेहतपुर ऊना जिले का औद्योगिक केंद्र है | ऊना-नंगल रेल लाइन 1991 ई. में बनाई गई | यह ब्रॉड गेज रेल लाइन है |

(v) जननांकीय आँकड़े - ऊना जिले की जनसंख्या 1901 ई. में 1,65,000 से बढ़कर 1951 ई. में 1,96,829 हो गई | वर्ष 1971 ई. में ऊना जिले की जनसंख्या 2,61,357 से बढ़कर 2011 में 5,21,057 हो गई | ऊना जिले का लिंगानुपात 2011 में 977 था | ऊना जिले का जनघनत्व 2011 में 338 हो गया | ऊना जिले में 235 ग्राम पंचायतें, 758 आबाद गाँव, 5 विकास खण्ड और विधानसभा क्षेत्र है | ऊना जिले की 2011 में 91.38% जनसंख्या ग्रामीण और 8.62% जनसंख्या शहरी थी | दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 16.42% रही जोकि 12 जिलों में सर्वाधिक है |

(vi) ऊना जिले का स्थान - ऊना जिला क्षेत्रफल में 10वें स्थान पर है | ऊना जिला जनसंख्या में छठे स्थान पर है | ऊना जिला जनघनत्व (338) में हमीरपुर के बाद दूसरे स्थान पर है | दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर (16.24%) में ऊना जिला प्रथम स्थान पर है | ऊना जिले में सबसे अधिक सिख जनसंख्या पाई जाती है | ऊना जिला सड़कों की लम्बाई (2012 तक) में 1771 किमी. के साथ आठवें स्थान पर था | ऊना जिला (2011 में ) लिंगानुपात में छठे स्थान पर है जबकि शिशु लिंगानुपात में, (2011 में) ऊना (870) 12वें और अंतिम स्थान पर है अर्थात ऊना जिले का शिशु लिंगानुपात न्यूनतम (2011 में) है | ऊना जिला 87.23% साक्षरता के साथ दूसरे स्थान पर है | ऊना जिला वन क्षेत्रफल (487 वर्ग किमी.) में दसवें और वनाच्छादित क्षेत्रफल (205 वर्ग किमी.) में आठवें स्थान पर है | ऊना जिले में काँगड़ा के बाद सर्वाधिक भैंसे हैं | ऊना जिला उद्योग में रोजगार उपलब्धता के मामले में चौथे स्थान पर हैं | ऊना जिला काँगड़ा के बाद सबसे ज्यादा आम उत्पादन करने वाला जिला है | ऊना जिला (2011-2012 में ) संतरा, माल्टा, अमरुद, पपीता और आंवला उत्पादन में दूसरे स्थान पर है | सबसे कम कच्ची सड़कों की लम्बाई (170 किमी.) ऊना जिलें में हैं



ARMY RECRUITMENT RALLY AT INDIRA GANDHI SPORTS STADIUM, UNA (HP) FROM 09 JAN 2020 TO 20 JAN 2020 





Army recruitment Rally will be held for the post of Soldier General Duty and Soldier Clerk/SKT for eligible male candidates of districts Hamirpur, Bilaspur and Una in Himachal Pradesh from 09 Jan 2020 to 20 Jan 2020 at Indira Gandhi Sports Stadium, Una (HP). Online registration for Soldier General Duty and Soldier Clerk/SKT is mandatory and will be open from 10 Nov 2019 to 24 Dec 2019.  

Last Date:-24 December 2019 (Online Registration)

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IDBI Bank Recruitment 2019- 61 Specialist Cadre Officer Posts Last Date 12 December

Post Name :- Specialist Cadre Officer

No.of Post :-61

Post Date :-30 November 2019

IDBI Bank published a notification for the recruitment of 61 Specialist Cadre Officer Posts ..interested candidates can check vacancy details,qualification,age limit and apply online .

IDBI Bank Recruitment 2019- 61 Specialist Cadre Officer Posts Last Date 12 December

WWW.HIMEXAM.COM

Important Dates

  • Starting Date to Apply Online :01 December 2019
  • Last Date to Apply Online & Fees Payment  12 December 2019

Application Fee

  • for general UR Rs.700-
  • for sc/st/obc Rs 150/--
  • for PWD Candidates Nil/--
  • Payment Mode:Through Online by using Credit/ Debit Card/ Net Banking.

Age Limit

  • Min Age 25
  • Max Age 45
Vacancy Details
Sl No Post Name Total Qualification
1 Agriculture Officer 40 Any Degree + Experience
2 Faculty 01 Post Graduation (Psychology or relevant behaviour Sciences/MBA (HRM)) with relevant experience
3 Fraud Risk Management (Fraud Analyst (Maker)) 14 Any Degree + Experience
4 Fraud Risk Management (Investigator (Checker)) 05 Any Degree + Experience
5 Transaction Monitoring Team 01 CA/ MBA/ Graduation with Certified Fraud Examiner (CFE) with relevant experience
Apply Online Click Here
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पटवारी भर्ती मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को दिए शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश, इस दिन होगी सुनवाई

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हिमाचल में पटवारी के 1194 पदों के लिए हाल ही में ली गई लिखित परीक्षा में कथित धांधली के मामले पर सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद सरकार को आदेश दिए कि वह विस्तृत शपथपत्र दो सप्ताह के भीतर न्यायालय में दाखिल करे। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि परीक्षा केंद्रों में बदइंतजामी के चलते सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए।
कई परीक्षार्थियों को गलत परीक्षा केंद्र देने, दो-दो परीक्षार्थियों को एक ही रोल नंबर देने, प्रश्नपत्र देरी देनी जैसी घटनाएं होने से परीक्षा में बड़े स्तर गड़बड़ियां हुई हैं। इस कारण सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रहे गए। ऐसे में न्यायालय से परीक्षा रद्द करने का आग्रह याचिका में किया गया है। विज्ञापन के मुताबिक 1194 पदों पर होनी है। मामले पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष हुई।


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गौरतलब है कि जिला लाहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य सभी 11 जिलों में पटवारियों के पद भरे जाएंगे। इनमें मोहाल के तहत 932 और सेटलमेंट में 262 पद भरे जाएंगे। हिमाचल में बिलासपुर में 31, चंबा में 68, हमीरपुर में 80, कांगड़ा 220, किन्नौर 19, कुल्लू में 42, मंडी 174, शिमला में 115 सिरमौर में 52 सोलन में 63,  ऊना में 69 पटवारियों के पद भरे जाएंगे। कांगड़ा मंडल में 143 और शिमला मंडल में 119 पटवारियों के पद भर जाएंगे। इस भर्ती के लिए 3 लाख से अधिक आवेदन आए हैं।

Source:- Amar Ujala 



Daily Current Affairs 30 November 2019 



Daily Current Affairs 30 November 2019


Question _1 :-हाल  ही में ब्रैड गोबराइट का निधन हुआ बे कौन थे ??
Answer:- पर्वतारोही

Question _2 :-फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल ने इंश्योरेंस कंपनी एको में कितने करोड़ डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है?
Answer :- 2 करोड़ डॉलर

Question _3 :-खेल मंत्री किरन रिजिजू ने अनस और तेजिंदरपाल सिंह तूर को किस अवार्ड से सम्मानित किया है?
Answer :-अर्जुन अवॉर्ड

Question _4 :-श्रीलंका के किस स्पिन गेंदबाज को श्रीलंका के तमिल बहसंख्यक प्रांत उत्तरी प्रांत का गवर्नर नियुक्त किया गया है?
Answer :-मुथैया मुरलीधरन

Question _5:- इंडियन नेवी ने डीआरडीओ के द्वारा बनायीं गयी कौन सी मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है?
Answer :-ब्रह्मोस


Question _6 :-उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने वर्ष 2020 के किस महीने से सोने के गहनों की हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की घोषणा की है?
Answer:-जनवरी

Question _7 :-भारत के किस राज्य में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट “जेवर एयरपोर्ट” को बनाने का जिम्मा ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है?
Answer :-उत्तर प्रदेश

Question _8 :-भारतीय खाद्य निगम की अधिकृत पूंजी बढ़ाकर मंत्रिमंडल समिति ने करोड़ रूपये करने की मंजूरी दे दी है?
Answer :-10000 करोड़ रूपये

Question_9 :-संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक कौन सा देश विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों का सबसे बड़ा मूल देश है?
Answer:-भारत

Question_10:-मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किस देश के पूर्व राष्‍ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को 5 वर्ष की सजा सुनाई गयी है?
Answer :-मालदीव







हिमाचल प्रदेश सामान्य ज्ञान -पूर्ण राज्य का दर्जा

 हिमाचल प्रदेश सामान्य ज्ञान -पूर्ण राज्य का दर्जा 



हिमाचल प्रदेश सामान्य ज्ञान -पूर्ण राज्य का दर्जा
हिमाचल प्रदेश सामान्य ज्ञान -पूर्ण राज्य का दर्जा


 





15 अगस्त, 1947 को देश को स्वतंत्रता मिलने पर भी यहाँ के शासक आसानी से जनता के हाथों में सत्ता सौंपने में संकोच कर रहे थे | लेकिन ठियोग के राजा ने 17 अगस्त, 1947 को स्वतंत्र ठियोग की लोकतांत्रिक सरकार का गठन किया और राज्य की बागडोर जनता को सौंप दी | सूरतराम प्रकाश को मुखिया बनाया गया | ठियोग भारतीय संघ में विलय होने वाली पहली हिमाचली रियासत बनी |

(i) अस्थायी हिमाचल सरकार - 26 जनवरी, 1948 ई. को हिमाचल प्रदेश स्टेट्स रीजनल कौंसिल की एक सभा में पहाड़ी प्रान्तों की अस्थायी सरकार बनी | इस अस्थायी सरकार का प्रधान शिवानंद रमौल को चुना गया |

(ii) हिमाचल का नामकरण - 26 से 28 जनवरी, 1948 ई. में प्रजामण्डल और रियासतों के राजाओं का सम्मेलन सोलन के दरबार में हुआ | इस सम्मेलन की अध्यक्षता बघाट के राजा दुर्गासिंह ने की | इस सम्मेलन में सभी पहाड़ी रियासतों ने "हिमाचल प्रदेश" का नामकरण किया |

(iii) सुकेत सत्याग्रह - 18 फरवरी, 1948 ई. को नेताओं और जनता ने रियासतों के भारत में विलय के लिए सत्याग्रह करने का फैंसला किया | पं. पद्म देव के नेतृत्व से घबराकर 22 फरवरी, 1948 ई. को सुकेत राजा ने सरकार से मदद मांगी | 15 अप्रैल, 1948 ई. को सुकेत हिमाचल में शामिल हो गया | 1948 ई. के प्रारम्भ तक सभी रियासतों का भारतीय संघ में विलय हो गया |

(iv) हिमाचल प्रदेश का जन्म - 15 अप्रैल, 1948 ई. को लंबी राजनैतिक लड़ाई के बाद 26 शिमला हिल स्टेट्स और 4 पंजाबी पहाड़ी रियासतों (कुल 30 रियासतों) को मिलाकर हिमाचल प्रदेश का गठन किया गया | हिमाचल प्रदेश के गठन के समय इसमें 4 जिलें चम्बा, मण्डी, महासू और सिरमौर थे | हिमाचल प्रदेश में 24 तहसीलें एवं 2 उप-तहसीलें थी | हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 27108 वर्ग किमी. था | 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश को "मुख्य आयुक्त क्षेत्र" अर्थात् चीफ कमिश्नर प्रोविन्स बनाया गया | एन. सी. मेहता प्रदेश के पहले मुख्य आयुक्त (चीफ कमिश्नर) बने | 1948 से 1951 तक हिमाचल प्रदेश मुख्य आयुक्त क्षेत्र रहा और यहाँ पर 3 मुख्य आयुक्त बने | एन. सी. मेहता, ई. पेंडरल मून तथा भगवान सहाय को हिमाचल प्रदेश के आखिरी मुख्य आयुक्त रहे |

                                                     

                            




(v) 15 अप्रैल, 1948 ई. को हिमाचल प्रदेश का प्रशासनिक ढाँचा - हिमाचल प्रदेश के गठन के समय 24 तहसीलें और 2 उप-तहसीलें थी | शिमला हिल स्टेट्स की 26 छोटी बड़ी रियासतों को मिलाकर महासू जिले का गठन किया या | मण्डी और सुकेत रियासतों को मिलाकर मण्डी जिले का गठन किया गया | चम्बा रियासत से चम्बा और सिरमौर रियासत में सिरमौर जिले का गठन हुआ |

(क) महासू जिला - महासू जिले की 26 रियासतों को मिलकर 11 तहसीलें बनाई गई |
1. अर्की (बाघल, कुनिहार, मांगल)
2. सोलन (बघाट, बेजा, कुठाड़)
3. कुसुमपटी (क्योंथल का जुन्गा, धामी, कोटी)
4. ठियोग (ठियोग, घुण्ड, रतेश, बलसन)
5. कुमारसेन (कुमारसेन)
6. रामपुर (बुशहर की रामपुर)
7. रोहणू (रोहणू बुशहर की)
8. चीनी (बुशहर की चीनी)
9. जुब्बल (जुब्बल, रावी, ढाढी)
10. सुन्नी (भज्जी)
11. चौपाल (जुब्बल की चौपाल और थरोच रियासत)

(ख) सिरमौर जिला - 4 तहसील (नाहन, पौंटा, रेणुका, पच्छाद) |

(ग) मण्डी जिला - 6 तहसील (मण्डी सदर, सुंदरनगर, चच्योट, सरकाघाट, करसोग, जोगिन्द्रनगर) |

(vi) 1950 ई. में हिमाचल प्रदेश से हस्तान्तरित और हिमाचल प्रदेश में शामिल किए गाँव -

(क) हिमाचल प्रदेश में शामिल गाँव -
1. पंजाब से -सोलन कैण्ट, कोटगढ़ कोटखाई, उत्तरप्रदेश-सनसोग, भाटर |
2. पैप्सू से - कुफरी, धार, खुलोग, गोलिया, जमराह, सुरेटा |

(ख) हिमाचल प्रदेश से हस्तान्तरित गाँव -
1. पंजाब को - संजौली, भराड़ी, चक्कर, प्रोस्पेक्ट हिल, कुसुमपटी, पट्टी रिहाना |
2. पैप्सू की - रामपुर, वाकना, कोटाह, भरी |


(vii) 'ग' श्रेणी का राज्य हिमाचल -
                                            भारतीय ससंद में 1951 ई. में श्रेणी के राज्यों का अधिनियम पारित किया | इस अधिनियम के आधार पर 1951 ई. में हिमाचल प्रदेश को श्रेणी का राज्य बनाया गया | अब मुख्यायुक्त के स्थान पर उपराज्यपाल बनाया गया | 1 मार्च, 1952 को मेजर जनरल हिम्मत सिंह को हिमाचल प्रदेश का पहला उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) बनाया गया | हिमाचल प्रदेश 1951-1956 ई. तक 'ग' श्रेणी का राज्य बना रहा | वहीं 1952 में 36 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुए | 24 सीटों के साथ कांग्रेस को बहुमत मिला | डॉ. यशवंत सिंह परमार 24 मार्च, 1952 ई. को हिमाचल प्रफ्देश के पहले मुख्यमंत्री बने | के. एल. मेहता 1952 ई. में हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्य सचिव बने | हिमाचल प्रदेश विधानसभा का प्रथम सत्र 1952 ई. में राष्ट्रपति निवास (वायस रीगल लॉज) में हुआ | जिनका उद्घाटन उपराज्यपाल मे. ज. हिम्मत सिंह ने किया | वर्ष 1952-56 के बीच विधानसभा की बैठकें राष्ट्रपति निवास (वायस रीगल लॉज) हिमाचल धाम और कौंसिल चेम्बर में हुई |

(viii) बिलासपुर पाँचवाँ जिला -
                                               1 जुलाई, 1954 ई. को ‘ग’ श्रेणी (Part ‘C’ State) के राज्य बिलासपुर का हिमाचल प्रदेश में विलय हो गया | बिलासपुर हिमाचल प्रदेश का पाँचवाँ जिला बना | हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर के विलय के बाद क्षेत्रफल 27,018 + 1168 = 28,186 वर्ग किमी. हो गया | बिलासपुर को शामिल करने के बाद विधानसभा सदस्यों की संख्या 41 हो गई |

                                                                       

                      


(ix) केन्द्रशासित प्रदेश - 
                               1956 में ’राज्य पुनर्गठन आयोग’ के सदस्य जस्टिस फाजिल अली. एच. एन. कुजरों और के. एम. पाणिकर ने दो के मुकाबले एक मत से हिमाचल प्रदेश को पंजाब में शामिल करने की सिफारिश कर दी | लेकिन डॉ. परमार के प्रयासों से हिमाचल अपना अस्तित्व बचाए रखने में कामयाब रहा | 1956 को हिमाचल प्रदेश को केद्रशासित प्रदेश बनाया गया और बजरंग बहादुर इस केन्द्रशासित प्रदेश के पहले उपराज्यपाल बने | हिमाचल प्रदेश 1956 से 1971 ई. तक केन्द्रशासित प्रदेश रहा | बहादुर सिंह 1971 ई. में हिमाचल के 5वें और आखिरी उप-राज्यपाल थे |

(x) क्षेत्रीय परिषद् - 
                                   1956 ई. में विधानसभा को भंग कर 41 सदस्यीय क्षेत्रीय परिषद् का प्रावधान किया गया | डॉ. परमार ने 31 अक्टूबर, 1956 को त्यागपत्र दे दिया | 1957 में क्षेत्रीय परिषद् के सदस्यों का निर्वाचन हुआ और कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिला | 1957 से 1963 तक हिमाचल प्रदेश में क्षेत्रीय परिषद रही | 1963 में विधानसभा की वापसी हुई और क्षेत्रीय परिषद् को भंग कर दिया गया | डॉ. यशवंत सिंह परमार 1963 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने | ठाकुर कर्म सिंह को प्रांतीय परिषद् का प्रथम अध्यक्ष चुना गया था |

(xi) किन्नौर छठा जिला -
                                1 मई, 1960 को महासू जिले से चिनी तहसील अलग कर किन्नौर नाम से हिमाचल प्रदेश का छठा जिला बनाया गया | किन्नौर जिले में निचार, कल्पा, सांगला तीन तहसीलें तथा मुरंग, पूह और हांगरांग उपतहसीलें बनाई गई |
(xii) पंजाब का पुनर्गठन और विशाल हिमाचल -
                                                            1 नवम्बर, 1966 ई. को पंजाब का पुनर्गठन किया गया जिसके बाद पंजाब से निम्न क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में शामिल किए गए -
1. जिला काँगड़ा से - काँगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और शिमला |
2. जिला अम्बाला से - नालागढ़ |
3. जिला गुरदासपुर से - डलहौजी |
4. जिला होशियारपुर से - लोहारा, अम्ब, ऊना और संतोखगढ़ |

हिमाचल प्रदेश में 6 के बाद 4 और जिले काँगड़ा, कुल्लू, शिमला और लाहौल-स्पीति 1966 में पंजाब पुनर्गठन के बाद बने | पंजाब राज्य पुनर्गठन आयोग 1965 के अध्यक्ष सरदार हुकम सिंह थे | हिमाचल प्रदेश में 1 नवम्बर, 1966 ई. को जिलों की संख्या 6 से बढ़कर 10 हो गई | हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किमी. हो गया | डॉ. यशवंत सिंह परमार 1967 ई. के चुनाव जीतने के बाद तीसरी बार मुख्यमंत्री बने |


(2) 1966 ई. में 4 नये जिलों का प्रशासन -

(क) जिला काँगड़ा - 6 तहसीलें (काँगड़ा, पालमपुर, नूरपुर, देहरा गोपीपुर, हमीरपुर, ऊना) |
(ख) जिला कुल्लू - 1 तहसील (कुल्लू), 3 उप-तहसील (बंजार, आनी, निरमण्ड) |
(ग) जिला शिमला - 2 तहसील (शिमला, कण्डाघाट), 1 उप-तहसील (नालागढ़) |
(घ) जिला लाहौल-स्पीति - 2 तहसील (लाहौल और स्पीति) |

                                                                     

                       



(xiii) पूर्ण राज्य की प्राप्ति - 
                                        जनवरी, 1968 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने एकमत होकर प्रस्ताव पास कर राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की | 18 दिसम्बर, 1970 ई. को भारतीय संसद ने एकमत से हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य बनाने का प्रस्ताव पारित किया | 25 जनवरी, 1971 ई. को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शिमला के रिज मैदान पर हिमाचल प्रदेश को देश का 18वाँ पूर्ण राज्य बनाने की घोषणा की | 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश देश का 18वाँ पूर्ण राज्य बना और डॉ. यशवंत सिंह परमार पूर्ण राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने | 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद एस. चक्रवर्ती हिमाचल प्रदेश के प्रथम राज्यपाल (गवर्नर) बने | पूर्ण राज्य प्राप्ति के बाद देशराज महाजन विधानसभा अध्यक्ष बने |

(xiv)
  (1) जिलों का पुनर्गठन (1972) - 
                                        पूर्ण राज्य बनते समय हिमाचल प्रदेश में 10 जिले थे | 1972 में जिलों का पुनर्गठन किया गया | काँगड़ा जिले को विभाजित कर ऊना व हमीरपुर जिलों को बनाया गया, वहीं शिमला, महासू को पुनर्गठित कर शिमला व सोलन जिलों का निर्माण किया गया | आज हिमाचल प्रदेश में 12 जिले - चम्बा, सिरमौर, मण्डी, बिलासपुर, किन्नौर, काँगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, शिमला, सोलन, ऊना व हमीरपुर हैं | 1 सितम्बर, 1972 ई. को हिमाचल प्रदेश में 35 तहसीलें और 9 उप-तहसीलें शामिल थीं |

(2) 1972 में जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था -
(क) जिला काँगड़ा - 4 तहसीलें (काँगड़ा, पालमपुर, नूरपुर और देहरा गोपीपुर) |
(ख) जिला हमीरपुर - 2 तहसीलें (हमीरपुर, बड़सर) |
(ग) जिला ऊना - 1 तहसील (ऊना), 1 उप-तहसील (अम्ब) |
(घ) जिला शिमला (महासू और शिमला जिले से) - 6 तहसीलें (शिमला, ठियोग, रामपुर, चौपाल, जुब्बल और रोहणू) |
(ड़) जिला सोलन (महासू और शिमला जिले से) - 4 तहसीलें (सोलन, अर्की, नालागढ़, कण्डाघाट) |




एसओएस 12वीं कक्षा की इंप्रूवमेंट परीक्षा का परिणाम घोषित




स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) जमा दो कक्षा की स्पेशल इंप्रूवमेंट की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। 790 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 551 का परिणाम इंप्रूव हुआ है और 98 परीक्षार्थियों का परिणाम पीआरएस रहा है। इसके अलावा जिन परीक्षार्थियों को परीक्षा परिणाम आरएलडी घोषित हुआ है, ऐसे परीक्षार्थियों को अपने मूल प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि कार्यालय की संबंधित शाखा को भेजनी होगा, उसके बाद ही उनका परिणाम घोषित किया जाएगा। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि जो परीक्षार्थी पुनर्मूल्यांकन/पुनर्निरीक्षण के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे पांच दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पुनर्मूल्यांकन की फीस प्रति विषय 500 रुपये और पुनर्निरीक्षण की फीस 400 रुपये प्रति विषय रहेगी।

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Source:-Amar Ujala



OTR के लिए कर्मचारी चयन आयोग के बाहर धरना शुरू, दांव पर लगा 2400 युवाओं का भविष्य






वन टाइम रिलेक्सेशन (ओटीआर) के लिए जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 556 के रिजेक्ट अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को नौकरी से वंचित किए गए हजारों बेरोजगार आने हितों की सुरक्षा के हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के बाहर शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए। वर्तमान में लागू किए गए आरएंडपी रूल्ज ने इन्हे नौकरी से वंचित कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया है। आरएंडपी रूल्स में केवल सरकारी संस्थान के कंप्यूटर डिप्लोमा को ही मान्यता दी गई है।
            रूल्ज के हिसाब से हायर एजुकेशन व सोसायटी से किए गए डिप्लोमा को रिजेक्ट कर दिया गया है। हालाकि इससे पहले हुई पोस्ट कोड 447 के तहत जेओए की भर्ती में प्रावइेट/ सोसाईटी डिप्लोमा/डिग्री धारकों को मौका दिया गया था। पोस्ट कोड-556 में रिजेक्ट किए गए सभी अयर्थियों ने खाली बचे हुए पदों पर ओटीआर प्रदान करने की मांग की। अभयरथियों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी जायज मांग को नहीं माना दो अभरथी अनशन पर बैठ जाएंगे। अभरथियों का कहना है कि पोस्ट कोड 556 में वेटिंग लिस्ट भी जारी की जाए और खाली बचे पदों के ऊपर वन टाइम रिलेक्सेशन के तहत रिजेक्ट किए गए अभर्थियों की मेरिट के आधार पर मौका दिया जाए।
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                                                      जूनियर ऑफिस आई टी के पद के लिए वर्तमान में जो आरएंडपी रूल्ज लागू किए जा रहे हैं, उनकी वजह से प्रदेश के 70 से 80 फीसदी युव इस पोस्ट के टेस्ट को भरने के लिए आपात्र घोषित किए जा चुके हैं। यदि सरकार केवल सरकारी संस्थानों के डिप्लोमा धारकों को ही सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर प्रदान करती है तो इस प्रदेश के 80 फीसदी प्राइवेट डिप्लोमा/ डिग्री धारकों के साथ अन्याय की बात होगी।

रिजेक्टेड अभ्यर्थियों का कहना है कि 556 का मामला दो वर्षों से न्यायालय के विचाराधीन था। इस पर 29 अगस्त 2019 को अंतिम निर्णय माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिया जा चुका है, परंतु न्यायालय द्वारा केवल सरकारी संस्थानों से कंप्यूटर डिप्लोमा को ही मान्यता दी गई है। हालांकि न्यायालय द्वारा खाली बचे हुए पदों के लिए अंतिम निर्णय सरकार पर छोड़ा गया है। रिजेक्टेड अयिर्थियों का कहना है कि प्राइवेट व सोसायटी संस्थान कंप्यूटर शिक्षा का काम कर रहे हैं, वे भी सरकार की अनुमति से ही संचालित किए जा रहे हैं। यदि वे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है तो इतने वर्षों से प्रदेश में शिक्षा का प्रसार कैसे कर सकते हैं।

Source:Punjab Kesari

Daily Current Affairs 29 November 2019

Daily Current Affairs 29 October 2019

Daily Current Affairs 29 October 2019
Daily Current Affairs 29 October 2019



Question_1 हाल ही  में  टाटा कॉम बोर्ड ने किसे  अपना MD & CEO  नियुक्त किया??

Answer:- ए एस लक्ष्मीनारायण

Question_2 :-2023 पुरुष हॉकी विश्व कप की  मेजबानी कौन  करेगा??

Answer:-भारत

Question _3:-हाल ही में  50वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) कब और कहा सम्पन हुए ?

Answer:- गोवा में 28 नवंबर, 2019 को

Question_4 :-हाल ही में 50वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में  गोल्डन पीकॉक अवार्ड किसने जीता है??

Answer:- पार्टिकल्स फिल्म

Question_5 :-इसरो ने अंतरिक्ष-ग्रेड ली-आयन सेल तकनीक को कहा   स्थानांतरित किया है ??

Answer:- BHEL

Question_6 :-सैन्य साहित्य महोत्सव के तीसरे संस्करण का  उद्घाटन कौन करेगा ??

Answer:- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Question_7 :-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  तीन दिवसीय सैन्य साहित्य महोत्सव (MLF) का उद्घाटन  कहा  करेंगे??

Answer:-  चंडीगढ़

Question_8 :-वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की जीडीपी का राजकोषीय घाटा कितने प्रतिसत  तक बढ़ने का अनुमान लगाया है?

Answer:- 3.7%

Question_9 :-भारतीय सेना ने कहाँ पर  दो लंबी दूरी की एंटी-टैंक मिसाइल स्पाइक का सफल परीक्षण किया??

Answer:- मध्य प्रदेश के महू

Question_10 :-महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री कौन बने ?

Answer:-  उद्धव ठाकरे

Question_11 :-चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त होने वाले पहले भारतीय  व्यक्ति कौन  होंगे??

Answer:-  जनरल बिपिन रावत



28  नंवम्बर  वाले Question का answer :- विकिरण के कारण) 

Question of  the  day :-

Question भारतीय सेना का आदर्श वाक्य  हैं?? ?????

कृपया comment box  में अपना अपना उत्तर दे। और सही answer देखने के लिए 30  नवंबर की current affairs की पोस्ट जरूर देखे। ..धन्यबाद 👍👍😊😊

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