Saturday, May 8, 2021

world's highest post office hikkim- Himachal Pradesh

 world's highest post office hikkim- Himachal Pradesh

||world's highest post office hikkim- Himachal Pradesh||world's highest post office hikkim     Lahaul spiti In Hindi||

world's highest post office hikkim- Himachal Pradesh


  • हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले का हिक्किम पोस्ट ऑफिस न   सिर्फ उंचाई पर बसे होने के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इस पोस्ट ऑफिस की चिट्ठियों और डाक टिकटों पर लगने वाली मुहर पर्यटकों के लिए खास होती है।
  •  यदि आप ट्रैवलर हैं और आप पहाड़ों से खास लगाव रखते हैं तो चलिए आज आप को ले चलते हैं दुनिया के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस की सैर पर। यह एक ऐसा अनोखा पोस्ट ऑफिस है, जहां लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचते हैं। 
  • इस पोस्ट आफिस तक पहुंचने के लिए आपको शिमला से 430 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। 
  • दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई पर बना हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले का हिक्किम पोस्ट ऑफिस न सिर्फ ऊंचाई पर बसे  होने के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इस पोस्ट ऑफिस की चिट्ठियों और डाक टिकटों पर लगने वाली मुहर पर्यटकों के लिए खास होती है। 
  • इस पोस्ट ऑफिस की मुहर में दुनिया के सबसे ऊंचाई पर बसे पोस्ट ऑफिस हिक्किम अंकित होता है।
  •  छोटे तिब्बत के रूप में पहचानी जाने वाली स्पीति घाटी के 14567 फीट पर बसे हिक्किम गाँव और आस-पास के गाँवों लांगजा, चीचम, डेमूल और कौमिक के लोगों के लिए इस पोस्ट ऑफिस को 1983 में खोला गया था।
  •  भारतीय डाक विभाग ने इसे लोगों को पत्राचार की सुविधा मुहैया करवाने के लिए खोला था। लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे दुनिया के विभिन्न कोनों से आने वाले पर्यटकों को दुनिया के सबसे ऊंचाई पर बसे इस पोस्ट ऑफिस के बारे में पता चला तो हर साल यहाँ पहुँचने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ने लगी।
  •  4440 मीटर की ऊंचाई पर होने की वजह से इस क्षेत्र में साल के छह माह तक बर्फ ही रहती है। जिसकी वजह से यह छह माह तक पूरी तरह बंद रहता है। 
  • हर साल जून से अक्तूबर माह तक खुले रहने वाला यह पोस्ट ऑफिस एक किराये के मकान पर चलता है।
  •  इस पोस्ट ऑफिस के पोस्ट मास्टर पराशर रिंछेन छेरिंग का कहना है कि पोस्ट ऑफिस आने वाले पर्यटकों की संख्या हर साल बढ़ती ही जा रही है। वह कहते हैं, “यहाँ पर्यटक सुबह 8 बजे से शाम के 6 बजे तक आते रहते हैं।
  •  हमारे पोस्ट ऑफिस में पर्यटन सीजन के दौरान रोजाना 250 के करीब पोस्ट कार्ड और चिठ्ठियां पोस्ट की जाती हैं।
  •  कई ऐसे पर्यटक होते हैं जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं, वह यहां से अपने घर पोस्ट कार्ड भेजते हैं।" हिक्किम पोस्ट ऑफिस में 250 से अधिक एफडी और 17 आरडी खाते चल रहे हैं। 
  • इसके अलावा इस क्षेत्र में दूरसंचार की सुविधा न होने के चलते ई-पोस्ट और ई-मेल की सुविधा नहीं है।
  •  ऐसे में यदि यहाँ कोई इन सुविधाओं का उपयोग करना चाहता है तो उनके संदेश को सादे कागज में लिखकर हिक्किम से 30 किलोमीटर दूर काजा पोस्ट ऑफिस से सेवाएं प्रदान की जाती हैं। 
  • वहीं सर्दियों में छः माह तक बंद रहने के दौरान छ: माह की पोस्ट को सर्दियों के बाद ही लोगों तक पहुंचाया जाता है। 
  • स्पीति घाटी में पर्यटकों की संख्या में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। "ठंडा रेगिस्तान कहे जाने वाला यह क्षेत्र पर्यटकों के  लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।
  •  हिक्किम पोस्ट ऑफिस में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं और वे यहां से अपने रिश्तेदारों और खुद अपने घर के पते पर पोस्ट कार्ड भेजते हैं जो आज के डिजिटल युग में अनोखी घटना है।" जिसमें लोग अभी भी पत्र लिखते हैं और इसमें से कई लोग ऐसे हैं जो अपने आप को भी पत्र लिखते हैं या पोस्ट कार्ड भेजते हैं। 
  • हिक्किम गाँव में घूमने के लिए आए पर्यटक विजय बताते हैं कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को यहाँ से पोस्टकार्ड भेजा है।
  •  विजय कहते हैं, “हिक्किम पोस्ट ऑफिस की पोस्ट जब मेरे घर पहुंच जाएगी तो मैं इसे एक याद के तौर पर एक फ्रेम में सहेज कर रखूगा। मेरी ही तरह कई अन्य पर्यटक भी ऐसा करते हैं।” 
  • इतनी ऊँचाई और दुर्गम इलाके में बने इस फिस तक पहुँचने के लिए पर्यटकों को शिमला से दो दिनों का सफर तय करना पड़ता है। 
  • इसके अलावा इस क्षेत्र में पहुंचने के लिए कच्ची-पक्की सीली सड़कों के साथ माउंटेन सिकनेस और ऑक्सीजन की कमी से भी जूझना पड़ता है। 
  • इसलिए सांस की दिक्कत से जुझ रहे लोगों को इस क्षेत्र में आने से पहले मेडिकल जाँच और डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। 




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