Padma Shri Recipient Vidyanand Sarek-Himachal Pradesh

Padma Shri Recipient Vidyanand Sarek-Himachal Pradesh 

Padma Shri Recipient Vidyanand Sarek-Himachal Pradesh



  • विद्यानंद सरैक का जन्म  26 जून 1941 को सिरमौर के देवठी मझगांव में हुआ था।
  •  विद्यानंद सरैक  ने 1957 में  दिल्ली में ऑल इंडिया रेडियो द्वारा आयोजित उत्तर भारतीय लोक नृत्य प्रतियोगिता में अपनी  प्रत्सुति दी थी। तब वह 8वीं कक्षा में पढ़ते थे। 
  • विद्यानंद सरैक को साहित्य संगीत के लिए राष्ट्रपति अवार्ड से भी नवाजा गया था और अब इन्हे  पद्म भूषण अवार्ड मिला  है। 
  • इनके द्वारा  गीता के 18 अध्याय, रविंद्र नाथ टैगोर की 51 कविताओं और भृितृ हरि की त्रिशतक, पारंपरिक फोक जैसे ठोडा सिंटू, बड़ाहलटू हिमाचल की देव पूजा पद्धति और पान चढ़े का भी   सिरमौरी भाषा में अनुवाद किया गया है। 
  • विद्यानंद सरैक को 2018 में राष्ट्रपति अवार्ड से भी नवाज़ा गया था गया था।
  • Vidyanand Saraik was born on 26 June 1941 in Devthi Mazgaon, Sirmaur. 
  • Vidyanand Saraik gave his performance in the North Indian folk dance competition organized by All India Radio in Delhi in 1957. Then he used to study in 8th standard. 
  • Vidyanand Saraik was also awarded the President's Award for Sahitya Sangeet and now he has received the Padma Bhushan Award.
  • He has also translated 18 chapters of Gita, 51 poems of Rabindranath Tagore and Trishatak of Bhritri Hari, traditional folk like Thoda Sintu, Barahaltu, Himachal's method of worship and Paan Chade in Sirmauri language. 
  • Vidyanand Saraik was also awarded the President's Award in 2018.

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