करसोग के नेकराम शर्मा खेती के दम पर पद्मश्री

 करसोग के नेकराम शर्मा खेती के दम पर पद्मश्री 'नौ - अनाज' की पारंपरिक फसल पर सम्मान

करसोग के नेकराम शर्मा खेती के दम पर पद्मश्री 'नौ - अनाज' की पारंपरिक फसल पर सम्मान


  •  मंडी जिला के करसोग विधानसभा क्षेत्र के तहत नांज पंचायत के किसान ने नेकराम शर्मा को भारत सरकार ने पद्मश्री अवार्ड के साथ सुशोभित किया है। 
  •  मंडी जिला के करसोग विधानसभा की नाँज पंचायत के नाँज गांव के 59 वर्षीय किसान नेकराम को पद्मश्री अवार्ड दिया जाएगा। 
  • नेकराम शर्मा 1993 से बिना किसी भी प्रकार केमिकल व खाद प्रयोग किए बिना खेती करते आ रहे हैं। पंचायत के अन्य किसान पिछले कई वर्षों से मात्र देशी गाय के गोबर से तैयार जीवा अमृत घन जीवामृत प्रयोग कर खेती करते आ रहे हैं । इसके माध्यम से ही वह सभी प्रकार की बीमारियों को अपने खेतों को सब से दूर रखने में सफल रहे हैं। 
  • सरकारी नौकरी को अनदेखा कर नेक राम शर्मा ने अपनी मातृभूमि से जुड़ते हुए क्षेत्र में ऑर्गेनिक व प्राकृतिक खेती को कि नई दिशा दी है। आज प्राकृतिक रूप से गेहूं, मक्की, बाजरा, जौ, सब्जियां और आम की पैदावार कर रहे हैं, जिनकी हिमाचल प्रदेश से लेकर दिल्ली तक अच्छी खासी मांग है । 
  • 1 मई 1964 को जन्मे नेकराम शर्मा का कहना है उन्होंने 1982 में मैट्रिक की थी लेकिन उनका मन अपनी मिट्टी से जुड़ कर ही कुछ करने को बेताब था । उन्होंने कहा कि जब उन्होंने देखा कि आसपास के गांव में और उनके परिवार में भी किस तरह से धीरे-धीरे केमिकल खेती बढ़ती जा रही है, तो उनका मान इससे छुटकारा पाने का हुआ। 
  • उन्होंने खेती को स्वास्थ्य के साथ जोड़ा और प्राकृतिक खेती का नया नारा जिसके बाद उन्होंने कृषि विभाग के माध्यम से कई प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग लिया और धीरे-धीरे खुद को अपने आसपास के किसानों को प्रति खेत के साथ जोड़ते गए इस समय उनके पंचायत में बड़े स्तर पर किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं किसान नेकराम शर्मा के फार्मूले पर भारत वर्ष के भी कई किसान काम कर रहे हैं। इनके इसी ही हुनर को अब भारत सरकार ने नमन करते हुए पद्मश्री अवार्ड की घोषणा की है। 

Karsog's Nekram Sharma honored on Padma Shri 'Nine-Grain' traditional crop on the basis of farming


  •   Nekram Sharma, a farmer of Nanj Panchayat under Karsog assembly constituency of Mandi district, has been decorated with the Padma Shri award by the Government of India.
  • On Wednesday late evening, the Government of India has announced the Padma Awards. In which Padma Shri award will be given to 59-year-old farmer Nekram of Nanj village of Nanj panchayat of Karsog assembly of Mandi district.
  • Nekram Sharma has been doing farming since 1993 without using any chemical and fertilizers. Other farmers of the panchayat have been doing farming for the last many years using Jeeva Amrit Ghan Jeevamrit, prepared only from native cow dung. It is through this that he has been successful in keeping his fields away from all kinds of diseases.
  • Along with him, he has connected hundreds of farmers of Nach Panchayat in farming. Nekram Sharma has studied only up to class X, but has been doing natural farming for the last several years.
  • Ignoring the government job, Nek Ram Sharma has given a new direction to organic and natural farming in the area by connecting with his motherland. Today they are naturally growing wheat, maize, millet, barley, vegetables and mangoes, which are in great demand from Himachal Pradesh to Delhi.
  • Born on May 1, 1964, Nekram Sharma says that he did his matriculation in 1982, but his mind was desperate to do something by connecting with his soil. He said that when he saw how chemical farming was gradually increasing in the surrounding villages and in his family too, he felt determined to get rid of it.
  • He linked farming with health and new slogan of natural farming after which he also participated in many types of training programs through agriculture department and gradually associated himself with the farmers around him per farm. Farmers are doing natural farming on a large scale in Panchayat. Many farmers of India are also working on the formula of farmer Nekram Sharma. Saluting his same talent, the Government of India has now announced the Padma Shri award.

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